रत्न शोधन और प्राण-प्रतिष्ठा करने के सही वैदिक नियम
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, खदान से निकलने के बाद और कई हाथों से गुज़रने के कारण रत्नों में कई प्रकार की अशुद्धियाँ और नकारात्मक ऊर्जा समाहित हो जाती है। जब तक रत्न का शोधन (शुद्धिकरण) और प्राण-प्रतिष्ठा (जागृति) न की जाए, तब तक वह पूर्ण शुभ फल प्रदान नहीं करता।
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