top of page
खोज करे

हीटेड और ट्रीटेड रत्न बनाम नेचुरल रत्न: कौन सा ज्यादा असरदार है?

29 सित॰
2 मिनट पठन

रत्न विज्ञान और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से नेचुरल (प्राकृतिक) रत्न और हीटेड/ट्रीटेड (उपचारित) रत्न के बीच जमीन-आसमान का अंतर होता है।

      और पढ़ना चाहते हैं?

      इस विशेष पोस्ट को पढ़ना जारी रखने के लिए jyotishghar.in पर सब्सक्राइब करें।

       
       
       

      हाल ही के पोस्ट्स

      सभी देखें
      पुराना या किसी अन्य व्यक्ति का इस्तेमाल किया हुआ रत्न पहनना क्या सुरक्षित है?

      ज्योतिषीय और ऊर्जात्मक (Energetic) दृष्टिकोण से पुराना या किसी अन्य व्यक्ति का इस्तेमाल किया हुआ रत्न पहनना बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं माना जाता।

       
       
       
      रत्न शोधन और प्राण-प्रतिष्ठा करने के सही वैदिक नियम

      वैदिक ज्योतिष के अनुसार, खदान से निकलने के बाद और कई हाथों से गुज़रने के कारण रत्नों में कई प्रकार की अशुद्धियाँ और नकारात्मक ऊर्जा समाहित हो जाती है। जब तक रत्न का शोधन (शुद्धिकरण) और प्राण-प्रतिष्ठा

       
       
       
      अनामिका, मध्यमा और तर्जनी: किस उंगली में कौन सा रत्न पहनना चाहिए?

      हाथ की प्रत्येक उंगली का संबंध हमारे शरीर के एक विशेष चक्र, तत्व और सौरमंडल के विशिष्ट ग्रह से होता है। सही उंगली में रत्न धारण करने से ही ग्रह की सकारात्मक ऊर्जा शरीर में सही ढंग से प्रवाहित होती है।

       
       
       

      Maheshtala, Kolkata, West Bengal, 700140

      © कॉपीराइट
      bottom of page